गोरखपुर में एक एलआईसी एजेंट पर पॉलिसीधारक से करीब 15 साल तक प्रीमियम की रकम लेकर उसे एलआईसी में जमा न करने और फर्जी रसीदें देने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद गोरखनाथ थाने में एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
मामला कोतवाली क्षेत्र के बेनीगंज निवासी सीताराम उपाध्याय से जुड़ा है। उनके अनुसार, वर्ष 2009 में उन्होंने एलआईसी एजेंट बाल गोविंद दुबे के माध्यम से जीवन बीमा पॉलिसी ली थी। इसके बाद एजेंट हर तीन महीने में 1,322 रुपये प्रीमियम के तौर पर नकद लेता और बदले में रसीद देता रहा।
करीब 15 साल तक प्रीमियम देने के बाद जब पॉलिसी की अवधि पूरी हुई तो सीताराम एलआईसी के तारामंडल स्थित कार्यालय पहुंचे। वहां रिकॉर्ड की जांच कराने पर उन्हें पता चला कि उनकी पॉलिसी मई 2010 से ही बंद है। एजेंट द्वारा दी गई रसीदों की जांच में भी उनके फर्जी होने की बात सामने आई।
पीड़ित का आरोप है कि मई 2010 से मई 2025 तक उन्होंने लगातार एजेंट को प्रीमियम की रकम दी, लेकिन यह राशि एलआईसी में जमा नहीं की गई। इस तरह करीब 80 हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाया गया है।
सीताराम के मुताबिक, जब उन्होंने एजेंट से अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। स्थानीय स्तर पर शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए एफआईआर दर्ज की।
गोरखनाथ थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह के अनुसार, शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक अनीश कुमार सिंह को सौंपी गई है। पुलिस पॉलिसी से जुड़े दस्तावेजों, रसीदों और लेनदेन की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।#Gorakhpur #GorakhpurNews #LICFraud #LICAgent #LICScam #InsuranceFraud #FakeReceipt #FIR #CrimeNews #UPNews #UttarPradeshNews #LICPolicy #FraudCase #गोरखपुर #एलआईसी #एलआईसीएजेंट #फर्जीवाड़ा #धोखाधड़ी #एफआईआर






