अमेरिका ने दावा किया है कि 9/11 हमले के 25 साल बाद अफगानिस्तान में अल-कायदा और उससे जुड़े आतंकी संगठनों के ट्रेनिंग कैंप फिर से सक्रिय हो गए हैं। अमेरिकी दावे के मुताबिक, अफगानिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था से पैदा हुए खालीपन का फायदा उठाकर आतंकी संगठन दोबारा अपने नेटवर्क को मजबूत कर रहे हैं।
वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान के सत्ता में लौटने और वर्ष 2021 में अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद बने सुरक्षा के खालीपन का फायदा अल-कायदा और उससे जुड़े संगठनों ने उठाया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले तीन वर्षों के दौरान अफगानिस्तान में कम से कम आठ ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं।
कैंपों में आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग
संयुक्त राष्ट्र के मॉनिटर और पश्चिमी देशों के खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, इन ट्रेनिंग कैंपों में आतंकियों को पारंपरिक हथियारों और विस्फोटकों के इस्तेमाल के साथ-साथ गुरिल्ला युद्ध की ट्रेनिंग दी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन कैंपों में एन्क्रिप्शन, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों से जुड़ी ट्रेनिंग भी दिए जाने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल आतंकवादी संगठनों की क्षमताओं को बढ़ा सकता है। ऐसे में अफगानिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग कैंपों की कथित दोबारा सक्रियता क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन सकती है।






