झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सुरक्षा चुनौती को टाल दिया। सारंडा के घने जंगलों में कोयना नदी के किनारे दो लैंडमाइंस बरामद किए गए। सुरक्षाबलों ने सतर्कता दिखाते हुए दोनों विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबल सारंडा के जंगलों में अभियान चला रहे थे। इसी दौरान कोयना नदी के आसपास संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने की सूचना सामने आई। इसके बाद सुरक्षा टीम ने इलाके की तलाशी ली, जहां दो लैंडमाइंस बरामद हुए।
विस्फोटकों की मौजूदगी को देखते हुए मौके पर विशेष सावधानी बरती गई। बम निरोधक दस्ते की मदद से दोनों लैंडमाइंस को डिफ्यूज किया गया। इस कार्रवाई से इलाके में संभावित बड़े हादसे का खतरा टल गया।
गौरतलब है कि पश्चिमी सिंहभूम का सारंडा जंगल लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है। यहां माओवादी गतिविधियों और सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए लगाए जाने वाले इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) की चुनौती सामने आती रही है।
सुरक्षाबल समय-समय पर जंगलों में सर्च ऑपरेशन और विस्फोटक निरोधक अभियान चलाते हैं, ताकि छिपाए गए विस्फोटकों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय किया जा सके।
फिलहाल, दो लैंडमाइंस मिलने और उन्हें सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज किए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में सतर्कता बनाए हुए हैं।#Jharkhand #WestSinghbhum #SarandaForest #Landmine #SecurityForces #NaxalOperation #ChaibasaNews #झारखंड #सारंडा #पश्चिमीसिंहभूम






