भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (IIT रुड़की) के शोधार्थियों द्वारा किए गए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अध्ययन में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में बाढ़, भूस्खलन और हिमस्खलन के बढ़ते खतरे को लेकर गंभीर चेतावनी दी गई है।
अध्ययन के अनुसार उत्तराखंड के लगभग 85 प्रतिशत जिलों में बाढ़ की आशंका जताई गई है, जबकि हिमाचल प्रदेश के करीब 45 प्रतिशत जिलों में बाढ़, भूस्खलन और हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है।
शोधार्थियों ने भारतीय हिमालयी क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित इलाकों का सटीक नक्शा तैयार करने के लिए एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल किया है। इस अध्ययन का उद्देश्य संभावित आपदाओं की पहले से पहचान कर समय रहते चेतावनी देना और नुकसान को कम करना है।
AI तकनीक से पहले मिलेगी चेतावनी
आईआईटी रुड़की के जल संसाधन विकास एवं प्रबंधन विभाग के संकाय सदस्य और अध्ययन के संपर्क लेखक प्रोफेसर मोहित पी मोहंती ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में पारंपरिक बाढ़ मॉडल कई बार प्रभावी साबित नहीं होते।
उन्होंने बताया कि पहाड़ी इलाकों में डेटा की कमी, कठिन भूभाग और अचानक आने वाली फ्लैश फ्लड जैसी परिस्थितियों के कारण पुराने मॉडल सटीक पूर्वानुमान देने में असफल रहते हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए AI आधारित स्मार्ट तकनीकों का उपयोग किया गया है।
आपदा प्रबंधन में मिलेगी मदद
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अध्ययन भविष्य में आपदा प्रबंधन एजेंसियों, प्रशासन और स्थानीय समुदायों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। AI आधारित यह मॉडल समय से पहले चेतावनी देकर जान-माल के नुकसान को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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