कश्मीरी हिंदुओं की समस्याओं के समाधान और होमलैंड की मांग को लेकर पनुन कश्मीर सितंबर महीने से अपने आंदोलन को और तेज करने की तैयारी में है। आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं।
कश्मीरी हिंदुओं का कहना है कि विस्थापन के 36 साल बाद भी उनकी कश्मीर वापसी का रास्ता साफ नहीं हो सका है। ऐसे में सितंबर से आंदोलन को दोबारा गति देने का फैसला लिया गया है।
5 सितंबर से आंदोलन की शुरुआत
आंदोलन के पहले चरण में 5 सितंबर को एक दिन की भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी। इसमें विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
पनुन कश्मीर से जुड़े लोगों का कहना है कि लंबे समय से विस्थापन का जीवन जी रहे कश्मीरी हिंदुओं की स्थिति चिंताजनक है। उनके अनुसार, विस्थापित परिवारों को मिलने वाली मासिक नकद राहत में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है, जबकि विस्थापितों की बस्तियों की स्थिति में भी पर्याप्त सुधार नहीं हुआ है।
विस्थापितों की समस्याओं को लेकर सरकार से मांग
कश्मीरी हिंदुओं का आरोप है कि वर्षों बीतने के बावजूद उनके पुनर्वास और वापसी से जुड़े मुद्दों का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। संगठन का कहना है कि विस्थापित परिवारों की आर्थिक और बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
इसी को लेकर सितंबर से आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। पनुन कश्मीर का कहना है कि आंदोलन के जरिए विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं की समस्याओं और अलग होमलैंड की मांग को मजबूती से सामने रखा जाएगा।#KashmiriHindus #PanunKashmir #Kashmir #KashmiriPandits #HomelandDemand #KashmirNews #Protest #JammuKashmir






