जमशेदपुर: इस्पात नगरी जमशेदपुर के लिए शुक्रवार की शाम बेहद निराशाजनक साबित हुई। वर्षों की मेहनत, जुनून और फुटबॉल प्रेम से खड़ी हुई जमशेदपुर एफसी (JFC) के बंद होने की खबर ने न सिर्फ खिलाड़ियों, बल्कि पूरे शहर के खेल प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया।
जिस जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को फुटबॉल प्रशंसक अपने जोश और समर्थन से एक अलग पहचान दिलाते थे, वहां अब मायूसी का माहौल है। कभी दर्शकों के उत्साह से गूंजने वाला यह मैदान अब सन्नाटे में डूबा नजर आ रहा है।
टाटा स्टील के इस फैसले ने खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और क्लब से जुड़े कई लोगों के भविष्य को अनिश्चितता के दौर में ला खड़ा किया है। फुटबॉल के जरिए अपने सपनों को आकार देने वाले युवा खिलाड़ियों के सामने अब करियर को लेकर नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
जमशेदपुर एफसी सिर्फ एक फुटबॉल क्लब नहीं था, बल्कि शहर की पहचान, खेल संस्कृति और हजारों प्रशंसकों की भावनाओं का हिस्सा बन चुका था। ऐसे में क्लब के बंद होने की खबर ने पूरे शहर में गहरी निराशा और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।








