अमित शाह मानहानि केस में राहुल गांधी बरी हो गए हैं। सुलतानपुर की एमपी-एमएल कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया है।
यह मुकदमा कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी की प्रेस वार्ता से संबंधित है। जिसमें आरोप है कि तत्कालीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान गृहमंत्री अमित शाह के संबंध में एक विवादित बयान दिया था।
इसी बयान से आहत होकर स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने दीवानी न्यायालय में परिवाद दाखिल किया। गवाहों व आरोपित के बयान के बाद प्रकरण कांग्रेस नेता की आवाज मिलान के बिंदु पर उच्च न्यायालय तक गया, लेकिन परिवादी की याचिका निरस्त हो गई।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल व अभियोजन के अधिवक्ता संतोष पांडेय की लम्बी बहस व कानूनी दलीलों के बाद दो पेशियों से शेष बहस में चल रहा था। अब 26 अक्टूबर यानी आज फैसला आया।
राहुल गांधी के बरी होने के बाद कोर्ट के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने पटाखे छोड़े। ढोल-नगाड़ों की धुन पर लोग खूब नाचे।
बता दें कि सोमवार सुबह राहुल गांधी लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सुलतानपुर जाने के लिए निकले। एक्सप्रेसवे पर हलियापुर क्षेत्र में माइलस्टोन 89.5 के पास राहुल गांधी के काफिले के पीछे चल रही चार कारें और एक एंबुलेंस आपस में टकरा गईं थीं। हालांकि इस हादसे में राहुल गांधी को कोई हानि नहीं हुई। वह पूरी तरह से सुरक्षित रहे।






