बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अर्णब आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराने के बाद कमजोर पड़ गया है। हालांकि, तूफान के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में भारी तबाही हुई है। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और जलभराव के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और सड़कों पर आवागमन बाधित हुआ। 29 अक्टूबर की रिपोर्टों के अनुसार, आंध्र प्रदेश में चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में नौ लोगों की मौत हुई है। प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों में जुटा है।
तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ा तूफान
चक्रवात अर्णब ने 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के यानम के आसपास तट को पार किया। उस समय तूफान की निरंतर हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई, जबकि हवा के तेज झोंके लगभग 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, तट पार करने के बाद तूफान की तीव्रता में कमी आई। इसके बाद यह गंभीर चक्रवाती तूफान से कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया। हालांकि, इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय और आसपास के इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की आशंका जताई गई है।
पेड़ गिरने, करंट और मकान ढहने से मौतें
चक्रवात के कारण कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से जान-माल का नुकसान हुआ। कुछ लोगों की मौत बिजली के तारों की चपेट में आने से हुई, जबकि अन्य लोगों की जान मकान और दीवारें गिरने जैसी घटनाओं में गई।
पश्चिम गोदावरी, कोनसीमा, विशाखापत्तनम और अनाकापल्ली सहित कई जिलों से नुकसान की खबरें सामने आईं। गुंटूर जिले में भी लगातार बारिश से कमजोर हुई पुरानी दीवार गिरने से एक बच्चे की मौत की सूचना दी गई। अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या समय के साथ बदलती रही, लेकिन 29 अक्टूबर की एक रिपोर्ट में यह आंकड़ा नौ बताया गया।
बिजली, सड़क और फसलों को भारी नुकसान
तूफान की तेज हवाओं ने बिजली और संचार व्यवस्था को प्रभावित किया। कई जगहों पर पेड़ गिरने से सड़कें बंद हो गईं, जबकि बिजली के खंभे उखड़ने से आपूर्ति बाधित हुई। तटीय इलाकों में जलभराव और सड़क क्षति के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कृषि क्षेत्र को भी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती आकलन के अनुसार, आंध्र प्रदेश के 14 जिलों में लगभग 2.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें प्रभावित हुई हैं। करीब 3.45 लाख किसानों पर इसका असर पड़ने की जानकारी सामने आई है। राज्य सरकार नुकसान का आकलन कर रही है और प्रभावित किसानों की सहायता के लिए केंद्र से सहयोग मांगा गया है।
ओडिशा समेत दूसरे राज्यों में भी असर
चक्रवात अर्णब का प्रभाव पड़ोसी राज्य ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भी देखने को मिला। मलकानगिरी, कोरापुट, रायगड़ा, गजपति और गंजाम जैसे जिलों में भारी बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया। प्रशासन ने राहत शिविर बनाए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की।
तूफान के प्रभाव के कारण कुछ रेल और विमान सेवाएं भी प्रभावित हुईं। मौसम संबंधी चेतावनियों को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई।
राहत और बचाव कार्य जारी
तूफान के आने से पहले संवेदनशील तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। प्रशासनिक टीमें अब सड़कों से गिरे पेड़ हटाने, बिजली आपूर्ति बहाल करने और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाने में जुटी हैं।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने नुकसान की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी और प्रभावित किसानों तथा बुनियादी ढांचे की मदद के लिए केंद्र से सहयोग मांगा।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के कुछ उत्तरी जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। तूफान कमजोर पड़ने के बावजूद स्थानीय स्तर पर जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियों का जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं माना जा सकता। इसलिए प्रशासन की ओर से लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर, चक्रवात अर्णब की तीव्रता कम होने से तत्काल खतरा घटा है, लेकिन इसके पीछे हुई तबाही ने तटीय क्षेत्रों में राहत, बिजली बहाली और कृषि नुकसान की भरपाई को बड़ी चुनौती बना दिया है। आने वाले दिनों में नुकसान का विस्तृत आकलन और प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।
#CycloneArnab #CycloneArnabLive #AndhraPradesh #CycloneUpdate #OdishaNews #WeatherAlert #HeavyRainfall #NaturalDisaster #BreakingNews #IndiaNews #चक्रवातअर्णब #आंध्रप्रदेश #ओडिशा #मौसमअपडेट






