पश्चिम बंगाल के रहने वाले सौरव बिस्वास की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को कई अहम सुराग मिले हैं। अब इंटरपोल को भी उसकी गिरफ्तारी की सूचना भेजने की तैयारी की जा रही है। यह कार्रवाई अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस की ओर से की जा रही है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में कुछ लोगों को क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से भुगतान किया था। फिलहाल पुलिस और साइबर सेल इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह भुगतान किस डील या गतिविधि के बदले किया गया था।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि ई-मेल के जरिए धमकियां देने वाले आरोपी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े संबंध हो सकते हैं। इसी आधार पर यह भी संभावना जताई जा रही है कि सौरव बिस्वास अन्य देशों में भी वांछित हो सकता है। पुलिस अब पाकिस्तान और बांग्लादेश के अलावा अन्य देशों से जुड़े संभावित लिंक की भी पड़ताल कर रही है।
मामले में शुरुआती जांच पूरी होने के बाद आरोपी को फताहपुर जेल भेज दिया गया है। साइबर सेल अधिकारियों के अनुसार यदि जांच के दौरान नए तथ्य और तकनीकी साक्ष्य सामने आते हैं तो आरोपी को दोबारा कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जा सकता है।
सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं, क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय संपर्क, क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन और साइबर धमकी जैसे कई संवेदनशील पहलू जुड़े हुए हैं। पुलिस अब आरोपी के डिजिटल नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और विदेशी संपर्कों की गहन जांच में जुटी हुई है।
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