अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर ने कहा कि मौजूदा हालात में पाकिस्तान की मध्यस्थता “समस्याग्रस्त” साबित हो सकती है।
ग्राहम का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अब्राहम समझौता में शामिल होने के पक्ष में नहीं है।
क्या है अब्राहम समझौता?
अब्राहम समझौता इजरायल और कई अरब देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करने से जुड़ा समझौता है। इस समझौते के तहत कई मुस्लिम देशों ने इजरायल के साथ औपचारिक रिश्ते स्थापित किए हैं।
पाकिस्तान ने दोहराया पुराना रुख
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान की नीति वर्षों से स्पष्ट रही है। उन्होंने कहा कि जब तक 1967 से पहले की सीमाओं के आधार पर स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य की स्थापना नहीं होती और पूर्वी यरुशलम को उसकी राजधानी का दर्जा नहीं मिलता, तब तक पाकिस्तान इजरायल को मान्यता नहीं देगा।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी चर्चा
मध्य पूर्व में जारी तनाव और कूटनीतिक गतिविधियों के बीच पाकिस्तान की संभावित भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अमेरिकी सीनेटर के बयान के बाद यह संकेत मिले हैं कि वॉशिंगटन पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है।
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