अमेरिका के पूर्वी हिस्से में ग्रेट लेक्स से लेकर राजधानी वाशिंगटन डीसी तक 15 राज्य लगातार तीसरे दिन भीषण जंगल की आग और धुएं की चपेट में हैं। शुक्रवार को आग लगने की 68 नई घटनाएं दर्ज की गईं, जिससे लाखों लोगों के सामने गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को घरों के भीतर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
पूर्वी अमेरिका में जंगलों की आग से उठे घने धुएं ने कई इलाकों की वायु गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। वहीं, देश का दक्षिणी हिस्सा बाढ़ की मार झेल रहा है, जबकि पश्चिमी अमेरिका में भी जंगलों की आग तेजी से फैल रही है।
आग बुझाने में जुटे हजारों कर्मी
जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। आग बुझाने के कार्य में करीब 17,400 अग्निशमन कर्मी, 140 हेलीकॉप्टर और सेना के चार C-130 एयर टैंकर लगाए गए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, इस वर्ष अब तक करीब 3.7 करोड़ एकड़ (यदि आधिकारिक आंकड़े यही हों; मूल पाठ में 37 करोड़ एकड़ का उल्लेख है) क्षेत्र जंगल की आग से प्रभावित हो चुका है। मौसम वैज्ञानिक इस स्थिति के लिए जलवायु परिवर्तन और लंबे समय से बने शुष्क मौसम को प्रमुख कारण मान रहे हैं।
ट्रंप ने कनाडा पर साधा निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कनाडा पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की चेतावनी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा अपने जंगलों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने में विफल रहा है, जिसके कारण जंगलों की आग का धुआं अमेरिका के कई हिस्सों तक पहुंच रहा है।
ट्रंप ने इस धुएं को “गंदी, प्रदूषित और अस्वास्थ्यकर हवा” बताते हुए कहा कि इसका असर अमेरिकी नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
#USWildfires #America #ClimateChange #Canada #DonaldTrump #WorldNews








