बिहार में सड़क अवसंरचना को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बक्सर से भागलपुर के बीच प्रस्तावित हाई-स्पीड कॉरिडोर परियोजना में बड़ा बदलाव करते हुए अब इस एक्सप्रेसवे का निर्माण केंद्र सरकार की बजाय बिहार सरकार स्वयं करेगी।
अब तक इस परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों को विकसित कर हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में तैयार करने की योजना पर काम कर रहा था। इसके लिए सर्वे और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने हेतु एजेंसी का चयन भी किया जा चुका था। हालांकि अब राज्य सरकार ने इस परियोजना को नए स्वरूप में आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूप में होगा निर्माण
बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग के अधीन कार्यरत बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (BSRDCL) ने बक्सर-भागलपुर सिक्स-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बीएसआरडीसीएल ने 16 जुलाई को इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और ट्रांजैक्शन एडवाइजर (TA) तैयार करने हेतु परामर्श सेवाओं के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किया है।
करीब 350 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की संभावित लंबाई लगभग 350 किलोमीटर होगी। यह एक्सप्रेसवे मौजूदा मार्ग के बजाय पूरी तरह नए रूट पर विकसित किए जाने की संभावना है, जिससे तेज और सुगम यातायात सुनिश्चित किया जा सके।
छह महीने में डीपीआर, 12 महीने में पूरा होगा असाइनमेंट
परियोजना के लिए योग्य कंसल्टेंसी कंपनियों से ओपन कंपटीटिव बिडिंग के माध्यम से प्रस्ताव मांगे गए हैं। निविदा प्रक्रिया अगस्त तक पूरी होने की संभावना है।
दस्तावेजों के अनुसार, चयनित एजेंसी को कार्य आवंटित होने के बाद छह महीने के भीतर डीपीआर तैयार करनी होगी, जबकि पूरे असाइनमेंट को 12 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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