अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान की छह छोटी नौकाओं को नष्ट कर दिया है और साथ ही क्रूज मिसाइलों व ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक विफल किया है। जानकारी के मुताबिक, तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए शिपिंग बहाल करने की अमेरिकी कोशिशों में बाधा डालने की कोशिश कर रहा था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नाम से इस सैन्य अभियान की शुरुआत की। इस ऑपरेशन का उद्देश्य इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर नियंत्रण दोबारा स्थापित करना है। उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव बढ़ने के बाद ईरान ने इस जलडमरूमध्य को लगभग बंद कर दिया था।
संघर्ष-विराम की स्थिति को लेकर अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने कोई स्पष्ट टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान ने इस क्षेत्र में आक्रामक रुख अपनाया है, जिसमें सोमवार को यूएई पर ड्रोन और मिसाइल हमले भी शामिल हैं।
एडमिरल कूपर के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने उन जहाजों को निशाना बनाते हुए कई मिसाइलें, ड्रोन और छोटी नावें भेजीं जिनकी सुरक्षा अमेरिकी बल कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सटीक रक्षात्मक कार्रवाई के जरिए इन सभी खतरों को निष्क्रिय कर दिया गया है। साथ ही ईरानी बलों को चेतावनी दी गई है कि वे अमेरिकी सैन्य संसाधनों से दूरी बनाए रखें।
इस ऑपरेशन में करीब 15,000 अमेरिकी सैनिक, नौसेना के विध्वंसक जहाज, 100 से अधिक विमान और पानी के भीतर काम करने वाले संसाधन शामिल हैं। कूपर ने बताया कि मौके पर मौजूद कमांडरों को अपने बलों और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी अधिकार दिए गए हैं।
इसी बीच, सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक दक्षिण कोरियाई जहाज में विस्फोट की घटना सामने आई। हालांकि ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह जहाज अमेरिकी ऑपरेशन का हिस्सा नहीं था और उन्होंने सुझाव दिया कि इसे अमेरिकी सुरक्षा प्रयासों में शामिल होना चाहिए। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी बलों ने ईरान की सात तेज नौकाओं को डुबो दिया है।
अमेरिका के इस अभियान को कई चरणों में अंजाम दिया जा रहा है। पहले चरण में समुद्री रास्ते से ईरानी बारूदी सुरंगों को हटाया गया। इसके बाद अमेरिका ने अपने झंडे वाले दो वाणिज्यिक जहाजों को इस मार्ग से गुजारकर सुरक्षा का प्रदर्शन किया।
दूसरी ओर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि हाल के घंटों में कोई भी वाणिज्यिक जहाज इस जलडमरूमध्य से नहीं गुजरा। ईरानी सरकारी मीडिया ने भी अमेरिकी दावों को झूठा बताया है, खासकर उन रिपोर्ट्स को जिनमें ईरानी नौकाओं को डुबोने की बात कही गई थी।
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