Bangladesh में सत्तारूढ़ Bangladesh Nationalist Party यानी बीएनपी से जुड़े दो वकीलों के खिलाफ महिला वकीलों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। दोनों वकीलों पर महिला सहकर्मी के साथ मारपीट करने और महिला वकीलों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप लगे हैं।
मामला नारायणगंज जिला न्यायाधीश अदालत परिसर का है, जहां रविवार दोपहर ‘जनरल लॉयर्स’ के बैनर तले महिला वकीलों और अन्य अधिवक्ताओं ने मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपित वकीलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कड़ी सजा की मांग की।
आरोप है कि बीएनपी से जुड़े वकीलों ने महिला वकीलों को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें ‘डांसर’ कहकर संबोधित किया। इस टिप्पणी के बाद वकीलों के बीच विवाद और बढ़ गया।
पीड़ित वकील आमेना अख्तर शिल्पी के मुताबिक यह पूरा विवाद अदालत परिसर से फेरीवालों यानी हॉकर्स को हटाने के मुद्दे से शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि बहस के दौरान आरोपित वकील रफीकुल अहमद ने उन पर हमला कर दिया।
शिल्पी का आरोप है कि बाद में बीएनपी के सदस्य सचिव अबू अल यूसुफ खान टीपू भी इस विवाद में शामिल हो गए और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने साफ कहा कि फेरीवालों को हटाने का फैसला बार एसोसिएशन का था और उनका इस निर्णय से कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं था।
इस घटना के बाद बांग्लादेश के कानूनी और राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। महिला वकीलों का कहना है कि अदालत परिसर जैसी जगह पर इस तरह की अभद्रता और हिंसा बेहद गंभीर मामला है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अब इस पूरे मामले पर प्रशासन और बार एसोसिएशन के अगले कदम पर सबकी नजर टिकी हुई है।








