ईरान की राजनीति से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। Mohammad Bagher Ghalibaf को लगातार सातवीं बार ईरान की संसद का स्पीकर चुन लिया गया है। सरकारी समाचार एजेंसी ISNA के मुताबिक सोमवार को हुए मतदान में गलीबाफ को 271 में से 235 वोट मिले।
गलीबाफ की यह बड़ी जीत ऐसे समय आई है, जब Iran और United States के बीच तनाव कम करने और युद्ध समाप्ति को लेकर बातचीत जारी है। माना जा रहा है कि अमेरिका के साथ चल रही वार्ता में गलीबाफ ईरान के प्रमुख रणनीतिक चेहरों में शामिल हैं।
64 वर्षीय मोहम्मद बाघेर गलीबाफ लंबे समय से ईरान की सत्ता संरचना में बेहद प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। वे पूर्व में रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर और पायलट भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे ईरान की राजनीति और सुरक्षा ढांचे में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक गलीबाफ की छवि एक व्यवहारिक लेकिन मजबूत कट्टरपंथी नेता की रही है। उन्होंने कई बार पश्चिमी देशों के साथ संवाद और कूटनीतिक बातचीत की वकालत भी की है। यही कारण है कि उन्हें ईरान के पूर्व सुरक्षा प्रमुख Ali Larijani की तरह एक प्रभावशाली रणनीतिक नेता माना जाता है।
गलीबाफ की दोबारा ताजपोशी को ऐसे समय में बेहद अहम माना जा रहा है, जब पश्चिम एशिया में राजनीतिक और सैन्य तनाव लगातार बढ़ा हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम, युद्धविराम और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत जारी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गलीबाफ की वापसी ईरान की संसद और सरकार के भीतर स्थिरता का संकेत है और आने वाले दिनों में उनकी भूमिका अमेरिका-ईरान संबंधों में और अहम हो सकती है।








