पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने बुमराह के ज्यादा इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि जसप्रीत बुमराह को अगले साल के अंत में होने वाले ODI वर्ल्ड कप तक तीनों फॉर्मेट नहीं खेलना चाहिए।
शास्त्री ने रविवार देर रात स्टार स्पोर्ट्स में कहा कि बुमराह टेस्ट क्रिकेट खेलें। वनडे और T20 में उन्हें कभी-कभार ही उतारा जाए, ताकि वह चोट से बच सकें।
बुमराह न्यूजीलैंड दौरे से कॉम्पिटिटिव क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं। वे कीवियों के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेंगे। यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से अहम है।
- मुझे नहीं लगता कि उसे ODI वर्ल्ड कप तक तीनों फॉर्मेट खेलने चाहिए। उसे टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहिए और वनडे-टी20 में कभी-कभार उतरना चाहिए। उसे पूरी सीरीज या हर मैच नहीं खेलना चाहिए।
- मैं उसे टेस्ट मैचों के लिए बचाकर रखना चाहूंगा। यह बहुत जरूरी है। वह भारतीय टीम का अहम सदस्य है। इसके बाद बाकी फॉर्मेट में उसका इस्तेमाल सीमित तौर पर होना चाहिए।
- यह एक कड़ी परीक्षा है। न्यूजीलैंड की घरेलू परिस्थितियों में उसे हराना आसान नहीं है। सिर्फ ऑस्ट्रेलिया को उस पर बढ़त हासिल रही है।’ उन्होंने आगे कहा, “विदेशी दौरे पर एक युवा कप्तान के लिए यह अच्छा चैलेंज होगा।
न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज पर सबसे ज्यादा ध्यान है। ऐसे में विदेशी दौरे पर टीम की कप्तानी को लेकर भी चर्चा हो रही है।
शुभमन गिल ने 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ सीरीज में अपनी कप्तानी साबित की थी। यह विदेशी कप्तान के तौर पर उनका पहला दौरा था। गिल ने उस सीरीज में आगे बढ़कर नेतृत्व किया। उन्होंने 75.40 की औसत से 754 रन बनाए थे।
टेस्ट सीरीज में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में गिल सिर्फ डॉन ब्रैडमैन से पीछे हैं। ब्रैडमैन ने एक सीरीज में 810 रन बनाए थे। इसके बाद गिल ने अपने दूसरे विदेशी दौरे में श्रीलंका के खिलाफ 1-0 से सीरीज जीती।






